Tuesday, 4 May 2010

रेडियो रूस के श्रोता क्लबों का चौथा अखिल भारतीय सम्मेलन

रेडियो रूस के श्रोता क्लबों का चौथा अखिल भारतीय सम्मेलन पिछले साल दिल्ली स्थित रूसी विज्ञान और संस्कृति केंद्र में 15 से 16 दिसंबर तक आयोजित किया गया। इस सम्मेलन के दौरान सन् 2008 में भारत में रूस को समर्पित वर्ष और सन् 2009 में रूस में भारत को समर्पित वर्ष के परिणामों की चर्चा की गई तथा रूस और भारत के बीच सहयोग को समर्पित रेडियो रूस की प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम घोषित किए गए। इस के अलावा रेडियो रूस द्वारा आयोजित काव्य और हास्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा सबसे सक्रिय श्रोताओं और संवाददाताओं के नाम भी घोषित किए गए। अब हम आपके सामने विजेताओं के नाम प्रस्तुत करते हैं।

वर्ष 2009 के पुरस्कार विजेताः

रूस और भारत के बीच सहयोग को समर्पित रेडियो रूस की प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेताः
1) नानजी जे. जाजाणी (अरिहंत नगर, गुजरात)
2) दलीप सिंह रोकाय (नैनीताल, उत्तराशण्ड)
3) अनिल ताम्रकार (कटनी, मध्य प्रदेश)

प्रोत्साहन पुरस्कार विजेताः
1) मितुल कंसल (कुरुक्षेत्र, हरियाना)
2) पराग पुरोहित (पुणे, महाराष्ट्र)
3) रिजवान सज्जाद (फफून्द, औरैया, उत्तर प्रदेश)

विशेष पुरस्कार विजेताः
चुन्नीलाल कैवर्त (सोनपुरी, छत्तीसगढ़)

रेडियो रूस को पत्र भेजने में मदद करने के लिए पुरस्कार विजेताः
शमसुद्दीन साकी अदीबी (मुबारकपुर आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश)

काव्य प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेताः
1) आर. एन. सिंह (शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश)
2) क़मर सुल्ताना कुरैशी (नया भोजपुर, बिहार)
3) भैयालाल प्रजापति (मरुफ़पुर, उत्तर प्रदेश)

हास्य प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेताः
1) निलेश कुमार सिंह (खनिता, बक्सर, बिहार)
2) श्रीमति नुनुदेवी (बरमा, शेखपुरा, बिहार)

पृथ्वी से परे सभ्यता की खोज dw

इस ब्रह्मांड में हम अकेले नहीं हैं तो वे सभ्यताएं कहां हैं, जो हमारी जैसी या शायद उससे भी बेहतर हैं? उड़न तश्तरियां कहां से आती हैं? वे कल्पनाएं नहीं हैं तो उन्हें चलाने वाले हमारे रेडियो संकेतों का जवाब क्यों नहीं देते.




अमेरिका के प्रोफ़ेसर फ़्रैंक ड्रेक को भी यही प्रश्न कुरेदा करते थे. आज से पचास साल पहले, 1960 में, जब वे तीस साल के भी नहीं थे, तब उन्होंने एक रेडियो टेलिस्कोप की मदद से पहली बार पृथ्वी से परे इतरलोकीय सभ्यता की आहट लेनी चाही. सोचा, उन्हें कुछ इस तरह की आवाज़ें सुनाई पड़ेंगी. वह बताते हैं, "मेरे पहले प्रयोग का नाम था प्रॉजेकट आज़मा. हमने दो महीनों तक सूर्य जैसे दो तारों की दिशा में रेडियो संकेतों की खोज की. लेकिन हमें कुछ नहीं मिला."



कोई सुराग नहीं



फ्रैंक ड्रेक को आज तक ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिसके बारे में भरोसे के साथ कहा जा सकता कि वह किसी Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: दूसरी दुनिया के सभ्य लोगों की पैदा की हुई रेडियो तरंग है. रेडियो तरंगें तो ढेरों मिलती हैं, लेकिन वे आकाशीय पिंडों द्वारा स्वयं पैदा की हुई प्राकृतिक तरंगें होती हैं. तब भी, फ्रैंक ड्रेक की जिज्ञासा और लगन की कोख से विज्ञान की एक नई शाखा का जन्म हुआ, जैवखगोल विज्ञान (बायोएस्ट्रॉनॉमी) का. विज्ञान की यह नई शाखा अंतरिक्ष में संभावित जीवन की खोजबीन को समर्पित है.



फ्रैंक ड्रेक सन फ्रांसिस्को के तथाकथित सेती इस्टीट्यूट के लिए काम करते हैं. SETI का अर्थ है Search for Extraterrestrial Intelligence, यानी, पृथ्वी से परे बुद्धिधारियों की खोज. आज से पैंतालीस साल पहले 8 अप्रैल 1965 के दिन सेती ने तश्तरीनुमा बड़े बड़े रेडियो एंटेनों की सहायता से अंतरिक्ष में बुद्धिधारी प्रणियों की खोज शुरू की.



भ्रम टूटा



दो ही साल बाद, 1967 में वैज्ञानिकों को लगा कि बटेर हाथ लग गयी. तब अख़बारों की सुर्खियां कुछ इस तरह की थीं. "डॉक्टरेट कर रही महिला वैज्ञानिक ने हरे आदमियों का पता लगा लिया." "हम अंतरिक्ष में अकेले नहीं हैं." "खगोलविदों ने नई दुनिया खोज निकाली."



उस महिला वैज्ञानिक का नाम था जोसेलिन बेल. लेकिन, सारी ख़ुशी पर तब पानी फिर गया, जब पता चला कि जिस रेडियो पल्स (स्पंद) को किसी सभ्यता का संकेत समझा जा रहा था, वह वास्तव में एक मृत न्यूट्रॉन तारे से आ रहा था. न्यूट्रॉन तारे ऐसे ठोस पिंड होते हैं, जो बहुत तेज़ी से घूमते हैं और साथ ही बहुत ही कसी हुई रेडियो तरंगों की कौंध सी पैदा करते हैं. इसीलिए उन्हें पल्सर भी कहा जाता है.

मई की पहेली Deutsche Welle

आइसलैंड में ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद कई दिनों तक उड़ानें ठप रही. हवा में चक्का जाम होने के कई दिनों बाद सबसे पहले फ़्रैंकफ़र्ट एयरपोर्ट से भरी गई उड़ानें. आपको बताना है कि किस देश में है फ़्रैंकफ़र्ट एयरपोर्ट.
ए. फ़्रांस
बी. जर्मनी
सी. डेनमार्क
आप अपने जवाब 31 मई तक डाक, ईमेल या एसएमएस से भेज दें. विजेताओं के नाम उचित समय पर "आपकी बारी आपकी बात" कार्यक्रम में बताए जाएंगे और वेबसाइट पर भी जारी होंगे. सभी विजेताओं को पत्र से सूचना भी भेजी जाएगी. आप अपना नाम और पता साफ़ साफ़ अक्षरों में लिखें.
हमारा पता जर्मनी में-
Deutsche Welle
Hindi Service
53110 Bonn /
GERMANY
Tel.No. 0049 228 429-4760
Fax No.0049 228 429-4720
भारत में-
Deutsche Welle
Hindi Service
Post Box No. 5211
Chanakyapuri,
New Delhi – 110021 / INDIA
ई-मेल का पताः hindi@dw-world.de
एसएमएस का नंबरः +91 9967354007
वॉयसमेल का नंबरः 0049 228 429 16 4176

रेडियो जापान ने जापानी भाषा

रेडियो जापान ने जापानी भाषा सिखाने के लिए“सवालों में सतरंगी जापानी”कार्यक्रम की नई वैबसाइट शुरू की है।


आप हमारे प्रश्नों के उत्तर देकर बोलचाल की जापानी के कुछ ज़रूरी बोलों का अभ्यास कर सकते हैं। अगर आपका उत्तर सही होगा तो स्क्रीन पर कुछ उभरेगा। अब देर कैसी? आप भी अपना जापानी भाषा ज्ञान परखें!

कंप्यूटर प्रिंटर से स्वास्थ्य ख़तरे में

फ़ोटोकॉपी मशीनयदी आप के पास कंप्यूटर है, तो उस के साथ जुड़ा एक प्रिंटर भी ज़रूर होगा. प्रिंटर यदि एक लेज़र प्रिंटर है, जिस में स्याही की जगह महीन पाउडर वाला एक कार्ट्रिज लगता है, तो सावधान हो जाइये! आपका स्वास्थ्य ख़तरे में है.
कंप्यूटर प्रिंटर के कार्ट्रिज वाले पाउडर को टोनर कहते हैं. टोनर के कण इतने महीन होते हैं कि कार्ट्रिज से बाहर वे बड़ी देर तक हवा में तैर सकते हैं और सांस के रास्ते से हमारे फेफड़ों में पहुंच कर हमें बीमार कर सकते हैं.
जर्मनी में फ्राइबुर्ग विश्वविद्यालय के पर्यावरण चिकित्सा और अस्पताल स्वच्छता संस्थान की एक शोध टीम ने इसी को अपनी खोज का विषय बनाया. वह जानना चाहती थी कि टोनर से उड़ने वाले अत्यंत महीन कण जब हमारे फेफड़ों में पहुंचते हैं, तो उनका क्या असर होता है? उन्होंने टोनर की धूल का फेफड़े की कोषिकाओं के कल्चर यानी संवर्ध से संपर्क कराया. परिणाम उनके लिए बहुत ही आश्चर्यजनक रहा, जैसा कि संस्थान के निदेशक प्रो. फ़ोल्करमेर्स सुंदरमान का कहना है, "फेफड़े की इन कोषिकाओं को टोनर की धूल के संपर्क में लाने पर उनके जीनों को बड़ा नुकसान पहुंचा. यह नुकसान इतना व्यापक और गहरा पाया गया कि हमें कहना पड़ेगा कि उससे कोषिकाओं के जीनों में म्यूटेशन पैदा होता है."

Sunday, 4 April 2010

२२ अप्रैल पृथ्वी दिन

२२ अप्रैल को पुरे विश्व में  पृथ्वी दिन मनाया जाएगा | हमें अपनी पृथ्वी को बचाने के लिए अपने बल पर कुछ वास्तविक काम करना होगा | आओ हम सब अपने स्थान पर पृथ्वी को बचाने के लिए पेड़ पौधे लगाएं , प्रदुषण को फैलाते कारखानों - वाहनों सें बचाएं | स्कूलों में बच्चों को जागृत करें |

કેસુડો

કચ્છ ના મધ્ય પર્વતીય વિસ્તારો માં ફાગણ મહિના માં કેસુડા નાં ફુલ ખીલેલા જોવા મળે ચે. ઍનો રંગ ઍટલો બધો પ્રભાવી લાગે કે વગડા માં જાણે આગ લાગી હાય.

रेडियो जापान की ७५ वीं जयंती पर प्रतियोगिता

रेडियो जापान की ७५ वीं जयंती पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है | जिसमें एक प्रश्न का उत्तर भेजना है | पुरे विश्व में सें ज्यादा योग्य जवाब भेजने वाले तीन भाग्यशाली को इस वर्ष जापान जाने का अवसर मिलेगा |
प्रश्न : रेडियो जापान का आपके लिए क्या महत्व है ?
इस विषय पर फोटो , रेखाचित्र पर अपने विचार भेजने हैं |
अन्तिम तारीख : १० मई २०१०
http://www.nhk.or.jp/nhkworld/hindib

रेडियो जापान अब नई फ्रिक्वंसी ४९ मी. पर

रेडियो जापान का हिंदी प्रसारण  अब २८ मार्च सें
नई फ्रीक्वेंसी 49 मीटर बैंड में 5975 किलोहर्टज़ पर हो रहा है |


Saturday, 27 March 2010

સી.આર.સી. કક્ષાની શિક્ષકોની તાલીમ

સી.આર.સી. કક્ષાની શિક્ષકોની તાલીમ તા.15 અપ્રિલ 2010 થી તા.28 અપ્રિલ 2010 સુધી યોજાશે.

Tuesday, 16 March 2010

VOR Competition 2010

Voice of Russia Organized new competition of 2010.
visit : www.hindi.ruvr.ru

Monday, 15 March 2010

ડૉ. જયન્ત ખત્રી ગૌરવ પુરસ્કાર ફોર્મ ડાઊન લોડ

ગુણોત્સવ ઉપચારત્મક વર્ગો નુ ઈન્ટરનલ ટેસ્ટીંગ

ગુણોત્સવ ઉપચારત્મક વર્ગો નુ ઈન્ટરનલ ટેસ્ટીંગ : ગોરેવલી, હોદકો, કોટડા (દીનારા) , હરુન્વાન્ઢ , સોયલા, સરગુ-2, ફોતડી, વાન્ઢાય , ભીરંડીયારા, રેઢાર્વાન્ઢ, મમુઆરા, દગાડા ગામો ની મુલાકાત.

Saturday, 6 February 2010

SIT Bhuj Start on 4th Feb.2010

Satellite Interective Terminal (SIT) Bhuj has been start on 4th Feb.2010 at District Institute of Education and Training (DIET) Bhuj-Kutch. SIT is the centre of Vigyan Prasar Science Programme Terminal. Vigyan Prasar has established an EduSAT two way Audio-Video Interactive Communication network in association with Devlopment and  Educational Communication Unit (DECU) of Indian Space Research Organization  (ISRO) Ahmedabad.
Mr. Nanji J. Janjani is Site Co-Ordinator of SIT Bhuj.
Mr. Bhupesh J. Goswami is Co-Ordinator of SIT Bhuj

Sunday, 31 January 2010

NANJI JANJANI APPOINTED FOR SIT CO-ORDINATOR

VIGYAN PRASAR INDIA ORGANIZED EDUSAT ORIENTATION PROGRAM WORKSHOP ON 21st AND 22nd JANUARY AT COUNCIL OF SCIENCE AND TECHNOLOGY LUCKNUW U.P. IN THIS WORKSHOP 25 SIT MEMBERS PARTICIPATE FROM ALL INDIA. FROM GUJARAT SIT BHUJ MR. BHUPESH GOSWAMI AND MR. NANJI JANJANI PARTICIPATES IN THIS WORKSHOP. MR. NANJI JANJANI SELECT CO-ORDINATOR FOR SIT BHUJ.






Saturday, 30 January 2010

EduSAT Orientation Workshop

२१-२२  जनवरी २०१० को विज्ञानं प्रसार नई दिल्ही की ओर सें COUNCIL OF SCIENCE & TECHNOLOGY UP लखनौ में कार्यशाला में EduSAT orentation workshop में भाग लेने का अवसर मिला | मेरे साथ मेरे साथी सीओ-ordinator मर. भूपेश गोस्वामी उपस्थित रहे | दो दिनों में हमें विज्ञानं प्रसार की ओर सें प्रसारित शिक्षा के कार्यक्रमों को SIT पर विद्यार्थिओं को कैसे बताएं और उसका रिपोर्टिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया |
विज्ञानं प्रसार के वैज्ञानिक डॉ. टी. वि. वैन्क्तेश्वरण और इरफाना बेगम
साथ में हमें लखनौ के सुप्रशिध बड़ा इमामबाडा बताया गया |

Friday, 1 January 2010

VOR Radio Program

www.hindi.ruvr.com<

NANJI JANJANI VOR RADIO PROGRAM

NANJI JANJANI WON THE FIRST PRIZE IN THE VOICE OF RUSSIA COMPETITION

log onhttp://www.hindi.ruvr.ru/

Thursday, 31 December 2009

VOR Listener's Conference PHOTO

VOR Listener's Conference फोटो

वोईस ऑफ़ रसिया की हिंदी सेवा की ओर सें वर्ष २००९ को रूस में भारत वर्ष मनाया गया
इस प्रसंग पर वोईस ऑफ़ रसिया ने २००९ की अपने श्रोताओं के लिए रसिया की जानकारी पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया
पुरे भारत सें हजारो श्रोताओं ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया
१५-१६ दिस. के दीन नै दिल्ही में रुसी विज्ञानं एवं सांस्कृतिक केंद्र पर रेडियो रूस की ओर सें ४ था अखिल भारतीय श्रोता सम्मलेन आयोजित किया गया

इस अवसर पर रूस के राजदूत मी. एलेक्झंदर कदाकिन मुख्य मेहमान थे
रेडियो रूस के दक्षिण एशिया की संवाददाता इरिना मेक्सिमेंको की ओर सें प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिया गया
कच्छ -भुज के नानजी जनजानी को प्रथम पुरस्कार मिला

नानजी जनजानी ने अपनी ओर सें आभार प्रकट करते हुए रूस और भारत की मैत्री के बारे में और रूस के अध्यापक वसीली एलेक्झंदर सुखोम्लिंसकी के जीवन के बारे में बताया









इस सम्मलेन में १२५ सें अधिक श्रोताओं ने भाग लिया दो दीन में सब श्रोता मिलकर रेडियो डी-Xing पर चर्चा की

Wednesday, 9 December 2009

Voice of Russia Listeners Conference in New Delhi

On the ocassion of "Year of Russia" in India during 2008 & "Year of India" in Russia during 2009, Voice of Russia Hindi service is organising a listeners conference in New Delhi for radio listeners at Russian Science & Cultural Centre, New Delhi.
The 4th Voice of Russia listeners conference will be held for two days as foll :

Dec 15, 2009 (Tues) - 11am to 1 pm IST
Dec 16, 2009 (Wed) - 11am to 1 pm IST

Venue :Russian Science & Cultural CentreEmbassy of Russia Cultural Department# 24 , Feroz Shah RoadNew Delhi 110001।E - mail:

delhi@russiancentre.org.in

Tuesday, 1 December 2009

रणोत्सव - कच्छ कार्निवल शुरू |

१-३ दिसंबर २००९ को धोरड़ो बन्नी में रणोत्सव का कार्यक्रम शुरू हो गया है
1st Dec.
5.30 pm भुज कार्निवल
2nd Dec
9.00 am kala dungar mela
6.00 white ran cultural prograam
3rd Dec.
Package Tour

Saturday, 28 November 2009

रणोत्सव 2009

कच्छ में 1 सें 3 दिसंबर २००९ तक रणोत्सव का कार्यक्रम का आयोजन गुजरात सरकार की ऑर सें किया गया है जिसमें १ ली दिसंबर को भुज के हमिरसर तालाब के किनारे पर कार्निवल का प्रदर्शन होगा , जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम की ज़न्खिंयाँ दिखाई जाएगी २ दिसंबर को धोरड़ो गाँव के पास बनाये गए टेंट सिटी में सभी प्रवासियों का आगमन होगा और रात्रि को नमक के रन (white desert) को देखने के लिए ऊंट घाड़ी में बैठ कर चांदनी रात का लुत्फ़ लिया जाएगा ३ दिसंबर के दिन सभी यात्रीकच्छ के मशहूर स्थानों का प्रवास करेंगे

रेडियो रूस के श्रोताओं का सम्मेलन


रेडियो रूस के श्रोताओं का अखिल भारतीय चोथा श्रोता सम्मेलन दिल्ही स्थित रुसी विज्ञानं और सांस्कृतिक केंद्र , 24-फिरोजशाह रोड पर 15-16 दिसंबर को 11 सें 1 बजे तक होगा 26 नवम्बर के दिन रेडियो रूस के कार्यक्रम में आदरणीय ल्युमिलाजी ने बताया की श्रोताओं को निमंत्रण पत्र भेज दिए गए हैं जिन श्रोताओं को निमंत्रण नहीं मिला हो वो भी श्रोता सम्मेलन में भाग ले शकते हैं
E – mail : delhi@russiancentre.org.in

Friday, 20 November 2009

RADIO TAIWAN INTERNATINAL

रेडियो ताईवान इन्टेरनेशनल पर रेडियो श्रोताओं के लिए प्रतियोगिता
इनाम जितने का अनोखा अवसर
.rti.tw

Saturday, 31 October 2009

पपेट शो




जिल्ला विज्ञानं प्रदर्शन २००९ में नानजी जनजानी , हरिलाल पटेल , मदन ठककर ने प्राथमिक शिक्षा की सरकार की योजनाओं पर आधारित पपेट शो का प्रदर्शन किया प्रदर्शन देखने आए विद्यार्थीओं और अध्यापकों ने पपेट शो का आनंद लिया

Wednesday, 28 October 2009

नया साल सब को मुबारक

नए शाल की सब को हार्दिक बधाई

कच्छ जिल्ला विज्ञानं प्रदर्शन 2009

कच्छ जिल्ला की प्राथमिक , माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक स्कूलों का विज्ञानं प्रदर्शन 12-13-14 अक्तूबर 2009 को जिल्ला शिक्षा और प्रशिक्षण भवन - भुज में आयोजित किया गया इस प्रदर्शन में 87 स्कुल ने भाग लिया प्रदर्शन का उद्घाटन कच्छ जिल्ला के कलेक्टर श्री आर.आर.वरसानी साहब ने किया जिल्ला विकास अधिकारी श्री राजकुमार बेनीवाल साहब , जिल्ला प्रमुख श्री जीवाभाई आहिर , गाँधीनगर से श्री रंगपरिया साहब , श्री मांडलिक साहब , श्री बहदुर्शिंह सोलंकी साहब की उपस्थिति रही विज्ञानं प्रयोगों के आलावा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम , पपेट शो , व्याशन मुक्ति , और शिक्षा उपकरण का प्रदर्शन आकर्षण के केन्द्र रहे

Wednesday, 23 September 2009

नवरात्री महोत्सव-२००९, मातानामढ-कच्छ

नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई कच्छ में मातानामढ में माँ आशापुरा के पवन तीर्थधाम में नवरात्रि का पर्व बहुत ही भक्ति भाव सें मनाया जा रहा है इस त्यौहार पर कच्छ जिल्ला शिक्षाधिकारी श्री प्रफुलभाई जलु के मार्गदर्शन सें 19-21 सितम्बर-2009 तीन दिन तक प्राथमिक शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने हेतु एक प्रदर्शन लगाया गया था जिसमें शिक्षा उपकरण के आलावा पपेट शो का आयोजन किया गया था नानजी जनजानी के साथ मदन ठक्कर, मनोज माणेक, संजय ठाकर , अर्जुन महेश्वरी , परेश चौहान और नाखात्राणा तहसील के गदानी के अध्यापको ने पपेट शो में भाग लिया पैदल आए पदयात्री खास करके छोटे बच्चोने पपेट शो का भरपूर आनंद लिया

Tuesday, 8 September 2009

गुजराती साहित्य रसथाल

गुजराती साहित्य और संगीत का अनमोल खजाना
.tahuko.com

ઘોળ્યા મેં અવનિ આભ ઘણા

કીધા મેં સાગર પાર ઘણા

ધીખતા રણ આ કોણે ઘડ્યા

મને રેતીમાંથી રતન જડ્યા
દેશ વિદેશ કે પંથ તણા

એને ભેદ નથી કોઇ ઘર્મ તણા

હીરા કઠિન આ વજ્ર સમા

મને રેતીમાંથી રતન જડ્યા
ઝબક્યા હીરા અંધાર ઘણા

એક દિપક પણ પ્રતિબિંબ ઘણા

એક જ્યોતમાં લાખ દીવા મેં દીઠા

મને રેતીમાંથી રતન જડ્યા

Monday, 17 August 2009

DW हिन्दी सेवा के 45 वर्ष


DW की हिन्दी सेवा की 45 वीं वर्षगांठ पर DW के सभी श्रोताओं को हार्दिक बधाई