Saturday, 21 January 2012

रूसी लोग चाँद पर रहने की तैयारी कर रहे हैं


रूसी लोग चाँद पर रहने की तैयारी कर रहे हैं

विषय: यह बात दिलचस्प है (283 टिप्पणियाँ)
 
20.01.2012, 18:55
Photo: RIA Novosti

जल्दी ही रूसी वैज्ञानिक चाँद पर रहना शुरू कर देंगे। चाँद पर एक ऐसा मंडप बना दिया जाएगा, जिसमें मानव रह सकेगा। इसके लिए सन् 2020 तक दो अन्तरिक्ष यान चाँद पर भेजे जाएँगे, जिनके नाम रखे गए हैं— 'लूना रिसूर्स' और 'लूना ग्लोब'। रूस के अंतरिक्ष संगठन रोसकोसमोस के प्रमुख व्लदीमिर पपोवकिन ने यह जानकारी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि क़रीब 20 साल बाद पृथ्वी-वासी चाँद पर अपनी छुट्टियाँ बिताने के लिए आना-जाना शुरू कर देंगे। 
इस शताब्दी के तीसरे दशक में चाँद पर मंडप बनाने या स्टेशन बनाने की तकनीकी सुविधाएँ तैयार हो जाएँगी। आरम्भ में वैज्ञानिक  चाँद पर जाकर रहेंगे और चन्द्रमा की भौतिकीय, जैविक और भूवैज्ञानिक परिस्थितियों का अध्ययन करेंगे। धीरे-धीरे वहाँ रहने के लिए जीवन की परिस्थितियों के अनुकूल ढाँचा तैयार कर लिया जाएगा जो पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक होगा।
शुरू में चन्द्रमा का उपयोग करने की कोई परियोजना नहीं बनाई गई थी, लेकिन जब से पृथ्वी के इस प्राकृतिक उपग्रह के ऊपर पानी मिला है, वैज्ञानिकों ने इस अंतरिक्ष गोलक के बारे में दूसरे ही ढंग से सोचना शुरू कर दिया है। रूस की विज्ञान अकादमी के अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान की लेबोरेटरी के प्रधान ईगर मित्रोफ़ानव ने बताया :
चन्द्रमा पर इस तरह का कोई बेस-स्टेशन बनाने से पहले हमें कुछ गंभीर अन्तरिक्ष परियोजनाओं को पूरा करना होगा और इसके साथ-साथ तक्नोलौजियों का भी गंभीर ढंग से विकास करना होगा। पहले क़दम के रूप में हम लूना रिसूर्स और लूना ग्लोब नामक दो अन्तरिक्ष यानों को चाँद पर उतारने की योजना बना रहे हैं। हम वहाँ ऐसे कुछ प्रयोग करना चाहते हैं जो चन्द्रमा के आगे उपयोग को और चन्द्रमा पर पाए जाने वाले संसाधनों के उपयोग को संभव बनाएँगे। चाँद पर भी चन्द्रमा के  ध्रुव-क्षेत्रों के मुक़ाबले  उसके भूमध्य रेखा-क्षेत्र में और उसके देशान्तर रेखा-क्षेत्र में परिस्थितियाँ पूरी तरह से अलग-अलग हैं, जहाँ पहले सोवियत और अमरीकी अभियान पूरे किए गए थे। चाँद के ध्रुवीय इलाकों में पानी पाया गया है। यह एक महत्त्वपूर्ण बात है और हमारे लिए इस खोज ने नई संभावनाओं के दरवाज़े खोल दिए हैं।
लोग चन्द्रमा की धरती पर रह सकते हैं। वहाँ न तो कोई ख़तरनाक अन्तरिक्ष रेडिएशन है और उसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति भी वैसी ही है, जैसीकि पृथ्वी की है। चाँद की सतह पर कहीं आने जाने के लिए  विशेष अन्तरिक्ष पोशाक पहननी पड़ेगी, इसलिए यह मत सोचिए की चन्द्रमा पर धूप सेंकेने का मज़ा लिया जा सकेगा। रॉकेट-अन्तरिक्ष कारपोरेशन 'एनेर्गिया' के अध्यक्ष अलेक्सान्दर अलेक्सान्द्रोव ने बताया कि चन्द्रमा पर बेस-स्टेशन की ज़रूरत सामरिक  उद्देश्यों से होगी।  अलेक्सान्दर अलेक्सान्द्रोव ने कहा :
चन्द्रमा पर अपना अड्डा बनाना पृथ्वीवासियों का सामरिक उद्देश्य है। जैसे अन्टार्कटिक का अध्ययन करने के लिए हमने पहले वहाँ स्टेशन का निर्माण  किया था। मानव इन स्टेशनों पर कुछ दिनों के लिए ही जाकर रहता है। उसके बाद हम वहाँ कुछ ऐसे ढाँचे बना लेंगे जो पृथ्वीवासियों के लिए उपयोगी होंगे। इस तरह चन्द्रमा पर हम अपना बेस ज़रूर बनाएँगे।
चन्द्रमा पर बनाए जाने वाले बेस-स्टेशन का इस्तेमाल वहाँ से नए अन्तरिक्ष यानों को छोड़ने के लिए किया जा सकेगा। वहाँ से मंगल ग्रह की ओर या दूसरे ग्रहों की ओर हम अपने यान भेज सकेंगे।  और खगोलशास्त्री सूर्य और तारों का वहाँ से ज़्यादा बेहतर ढंग से अध्ययन कर सकेंगे। धीरे-धीरे मानव चन्द्रमा का औद्योगिक इस्तेमाल करना शुरू कर देगा। वहाँ खनिज पदार्थों की खुदाई की जा सकेगी,  वहाँ तरह-तरह के कारखाने लगाए जा सकेंगे और सबसे बड़ी बात है कि वहाँ ऐसा अंतरिक्ष अड्डा बनाया जा सकेगा, जहाँ से ब्रह्माण्ड के दूसरे कोनों की यात्रा करना भी संभव होगा। ईगर मित्राफ़ानव ने कहा :
चन्द्रमा पर बने अंतरिक्ष अड्डे से अन्तरिक्ष यानों को मंगल या अन्य ग्रहों की तरफ़ छोड़ना आर्थिक रूप से भी बड़ा फ़ायदेमन्द  और व्यावहारिक होगा। पृथ्वी की परिधि पर पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से मुक्त होना इन अंतरिक्ष यानों के लिए बड़ा कठिन होता है। इसलिए चन्द्रमा से उन्हें भेजना बेहद आसान हो जाएगा।
तो अब वैज्ञानिकों ने चाँद का इस्तेमाल करने के लिए परियोजनाएँ बनानी शुरू कर दी हैं। व्यावसायी तो अभी से चाँद पर ज़मीन भी बेचने लगे हैं और  ख़ूब कमा रहे हैं। कोई भी व्यक्ति सिर्फ़ साढ़े सात हज़ार डॉलर में चाँद पर अपना प्लॉट ख़रीद सकता है। 

कम्प्यूटर और स्मार्टफ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल पाग़लपन की निशानी


कम्प्यूटर और स्मार्टफ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल पाग़लपन की निशानी

विषय: यह बात दिलचस्प है (283 टिप्पणियाँ)
Radio Russ : Voice of Russia 
17.01.2012, 10:27
वैज्ञानिकों का कहना है कि आज के हमारे इस ज़माने में जो लोग सोशल साइट्स और ऑन लाइन सम्पर्क के लिए हमेशा बेचैन रहते हैं और जिनका काम इनके बिना नहीं चलता, उन लोगों के दिमाग़ में भी बिल्कुल वही प्रक्रियाएँ घटती हैं, जो प्रक्रियाएँ शराबियों और नशेड़ियों के दिमाग़ के भीतर घटती हैं। ये वे लोग हैं, जिन लोगों के पास स्मार्टफ़ोन हैं और वे  बुरी तरह से उन पर निर्भर हो चुके हैं यानी उनके दिमाग़ में हर समय बस, स्मार्टफ़ोन ही रहता है, उन पर स्मार्टफ़ोन का नशा इतना ज़्यादा हॉवी हो गया है कि वे किसी और चीज़ के बारे में कुछ सोच ही नहीं सकते हैं। कहना चाहिए कि यह नए ज़माने का नया नशा है।

अगर आप भी अपने स्मार्टफ़ोन को और उसकी लगातार बजने वाली घंटी को लेकर बेचैन रहते हैं तो आपको आराम की ज़रूरत है। आप अभी समाज के लिए उपयोगी हैं, आप पूरी तरह से स्मार्टफ़ोन के नशे में डूबे नहीं हैं। लेकिन यदि आप इस बात पर चिड़चिड़े और बेचैन हो जाते हैं कि आपके फ़ोन पर कोई मैसेज क्यों नहीं आया, आपको कोई फ़ोन क्यों नहीं कर रहा है, तो आपको भी स्मार्टफ़ोन का नशा चढ़ चुका है, आप भी नशेड़ी हो चुके हैं।

इंगलैंड की वॉरचेस्टर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पिछले दिनों एक दिलचस्प अनुसंधान किया। उन्होंने छात्रों से लेकर व्यापारियों और अफ़सरों तक उन सैकड़ों लोगों से बात की, जो आईफ़ोन और ब्लैकबैरी फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं। पता लगा कि ये सभी लोग लगातार तनाव में जीते हैं। ये लोग लगातार अपनी इलैक्ट्रोनिक पोस्ट की जाँच करते रहते हैं, सोशल साइट्स में बैठे रहते हैं और अपने काम से जुड़ी ख़बरें पढ़ते रहते हैं। वे लोग जो पल-पल में ऐसा करते हैं, उनके दिमाग़ के भीतर हर समय बहुत ज़्यादा तनाव बना रहता है। उनकी मस्तिष्क-तंत्रिका हर पल एक झनझनाहट-सी महसूस करती रहती है। उन्हें हर पल यही लगता रहता है कि उनके टेलिफ़ोन की घंटी घनघना रही है या उनकी जेब में रखा टेलिफ़ोन कँपकँपा रहा है, मानो उन्हें किसी से कोई संदेश मिला हो।

इस अनुसंधान के संचालक रिचर्ड बॉलिंग का कहना है कि यदि किसी कम्पनी के कर्मचारी लगातार इस तरह के तनाव में रहेंगे तो शायद ही वह कम्पनी आगे विकास कर पाएगी। इसलिए कम्पनियों के मालिकों और अफ़सरों को यह कोशिश करनी चाहिए कि उनके कर्मचारियों के मोबाइल फ़ोन समय-समय पर बंद रहें।

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के इस अनुसंधान की पुष्टि चीन के वैज्ञानिकों ने भी की है। उन्होंने भी अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला है कि इंटरनेट पर आदमी की निर्भरता वैसी ही होती है, जैसेकि किसी शराबी को हर समय शराब की ज़रूरत होती है और नशेड़ी को नशे की। उस आदमी का मस्तिष्क, जो इंटरनेट के बगैर एक घंटा भी नहीं गुज़ार सकता, वैसे ही सक्रिय रहता है, जैसे कोकोइन का सेवन करने वाले व्यक्ति का मस्तिष्क। उसे भी हर समय नई डोज़ की ज़रूरत पड़ती है। और यह ज़रूरत धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर की स्थाई माँग बन जाती है। यदि ऐसे आदमी के स्मार्टफ़ोन की बैटरी डाउन हो जाती है तो उस आदमी का शरीर और दिमाग़ झनझनाने लगता है, भयानक विचार उसका पीछा करने लगते हैं, वह घबराहट महसूस करने लगता है, उसे पसीना आने लगता है और उसकी उँगलियाँ फ़ोन के बटन दबाने के लिए बेचैन होने लगती हैं और हरकत करना शुरू कर देती हैं जैसे फ़ोन पर कोई संदेश टाईप कर रही हों।

वैज्ञानिकों का मानना है कि आज हर दसवाँ इंटरनेट उपयोगकर्ता इस झमेले में फ़ँस चुका है। ऐसे लोगों का पता तुरन्त लगाया जा सकता है। ये लोग मॉनीटर पर घटने वाली घटनाओं के इतनी बुरी तरह से आदी हो चुके हैं कि पूरे-पूरे दिन बिना कुछ खाए-पीए कम्प्यूटर पर या अपने स्मार्टफ़ोन पर बैठे रहते हैं। उन्हें अपने खाने-पीने, नहाने-धोने, ओढ़ने-बिछाने की भी कोई सुध-बुध नहीं रहती है। चीन के मनोवैज्ञानिकों का तो यहाँ तक कहना है कि इंटरनेट पर निर्भर हो चुके इन लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से रोगी माना जाना चाहिए और इनके रोग का अलग से निदान और इलाज किया जाना चाहिए। चाहे  ये लोग  ख़ुद को रोगी मानें या न मानें, लेकिन इन लोगों को इलाज कराने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।

ब्रिटेन में तो ऐसे निशुल्क क्लिनिक काम भी करने लगे हैं, जहाँ इंटरनेट पर निर्भर मानसिक रोगियों का इलाज किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर इंटरनेट गेम्स खेलने वाले लोग इस तरह के मानसिक रोग का ज़्यादा शिकार होते हैं। कम्प्यूटर गेम्स खेलने वाले लोग अपने खेलों में इतने ज़्यादा मगन हो जाते हैं कि वे अपने आसपास की दुनिया को भी भूल जाते हैं, अपनी पढ़ाई और काम-धंधा छोड़ देते हैं, यहाँ तक कि अपने जीवनसाथी से भी तलाक ले लेते हैं ताकि वह उसे परेशान नहीं करे। इस तरह के रोगियों की पहचान आसान है। ये लोग बुरी तरह से थके हुए दिखाई देते हैं और इनकी नींद भी गायब हो जाती है क्योंकि ये दिन-रात कम्प्यूटर पर बैठे रहते हैं।

NANJI JANJANI WON THE RADIO JAPAN JAPANESE SONG COMPETITION 2012

atama kata hija ashi

रेडियो रूस की इंटरनेट प्रतियोगिताओं में भाग लें |


प्रिय दोस्तो, हम आप सभी को रेडियो रूस की दो नयी इंटरनेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये आमंत्रित करते हैं। ये प्रतियोगिताएँ वर्ष 2012 की हर तिमाही आयोजित की जायेंगी।
पहली प्रतियोगिता का नाम है `रेडियो रूस की वेब साइट के सबसे सक्रिय यूज़र`।
हमारी वेब साइट पर प्रतिदिन रूस और दुनिया की घटनाओं पर टिप्पनियाँ और ताज़ा समाचार जारी किये जाते हैं। हम उनके बारे में आपकी राय जानना चाहते हैं। वेब साइट की सामग्री पर अपनी प्रतिक्रिया इस पते पर भेज दीजिये:letters@ruvr.ru 
कृपया अपनी राय विस्तार से बता दें। प्रत्येक तिमाही के अंत में प्रतियोगिता के निष्कर्ष निकालते वक्त इस बात को ध्यान में रखा जायेगा कि प्रत्येक प्रतियोगी ने हमारी वेब साइट को कुल मिलाकर कितनी बार देखा।
इस के अलावा हम आपको रेडियो रूस के श्रोता क्लबों की गतिविधियों को समर्पित फ़ोटो प्रतियोगिता में भी भाग लेने का निमंत्रण देते हैं। इस प्रतियोगिता के लिये फ़ोटो ऊपर्युक्त पते पर इमेल के ज़रिये भेज दीजिये।
प्रतियोगिता के सिये भिन्न भिन्न फ़ोटो भेजे जा सकते हैं। उदाहरण के लिये आप ऐसे फ़ोटो भेज सकते हैं जो आपके श्रोता क्लब की बैठकों में, रेडियो कार्यक्रम सुनते वक्त, उन पर विचार-विमर्श करते वक्त या क्लब द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों के समय खींचे गये। उदाहरण के लिये हमें मालूम है कि हमारे बहुत से श्रोता वृक्षारोपण करते हैं, लोगों को रेडियो रूस के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हैं, दूसरे श्रोता क्लबों के सदस्यों से भेंटें करते हैं, सब मिलकर विभिन्न त्योहार तथा रूसी-भारतीय संबंधों की महत्त्वपूर्ण तिथियाँ मनाते हैं। इन सभी कार्य गतिविधियों को समर्पित फ़ोटो रूसी-भारतीय संबंधों के इतिहास की एक झलक दे सकते हैं। और हम खुशी से ये फ़ोटो रेडियो रूस की वेब साइट में दिखायेंगे।
प्रत्येक तिमाही के अंत में इन दो प्रतियोगिताओं के निष्कर्ष निकालकर विजेताओं के नाम घोषित किये जायेंगे और उनको पुरस्कार भेजे जायेंगे।
तो प्रिय दोस्तो, हम आशा करते हैं कि आप हमारी नयी प्रतियोगिताओं में ज़रूर भाग लेंगे! हम आपकी प्रतिक्रिया का बेसब्री के साथ इंतज़ार करेंगे।
18.01.2012, 18:03

સર્વ શિક્ષા અભિયાન મિશન કચ્છ દ્વારા ભુજ માં બાલ પુસ્તક મેળા

સર્વ શિક્ષા અભિયાન મિશન કચ્છ દ્વારા તા.૧૭-૧૮ જાન્યુઆરી ૨૦૧૨ ના રોજ જ્યુબીલી ગ્રાઉન્ડ ભુજ માં બાલ પુસ્તક મેળા માં કચ્છ ની ૨૪૦ જેટલી તમામ સી.આર.સી. ની પુસ્તક પસંદગી સમિતિ ના ૧૧ સભ્યો (જેમાં ૬ બાળકો )દ્વારા પુસ્તક પસંદગી માટે વિશાલ કેમ્પસ માં પ્રદર્શન રાખવામાં આવેલ. બાળકો દ્વારા પસંદગી પામેલ પુસ્તકો સી.આર.સી. ની દરેક શાળાઓમાં પહોંચતા કરવા માટે નું આ આયોજન ખુબજ આનદ અને ઉત્સાહ પ્રેરક બની રહ્યું. કચ્છ ના છેવડા ના ગામડાઓના બાળકો ને  પુસ્તક પસંદગી માટે ભુજ આવવું અને હજારો પુસ્તકો માંથી મનગમતા પુસ્તકો પસંદ કરવા એ એક અનોખી ઘટના કહી શકાય. 





































NANJI JANJANI WON THE RADIO JAPAN JAPANESE SONG COMPETITION 2012

NANJI JANJANI WON THE RADIO JAPAN   JAPANESE SONG COMPETITION 2012
http://www3.nhk.or.jp/nhkworld/jpcm/english/index.html 
NHK world RADIO JAPAN SPECIAL PROGRAM" I love Japanese Songs !"Announcement of Winners
The winners have been selected by our listeners, 2 guests and RADIO JAPAN's selection panel.

Guest: Hitomi Shimatani

She is a popular female singer in Japan. She has made big hits by covering songs of artists in Japan and abroad.
"I feel happy to know that Japanese songs have spread worldwide. I truly felt that Japan and the world are linked together!"

Guest: George Williams

He is a DJ active in many music programs. He is well versed in Japanese and overseas music.
"I received heart-warming present of songs from many people around the world."

RADIO JAPAN Prize (Grandprix)

RizaNFriends [Indonesia]
Title:Kimi koishi   Singer:Frank Nagai
I chose this song because I think this song has a similar melody and running chord to Indonesian traditional songs.
Hitomi ShimataniA nice mood! A chic atmosphere mixed with Indonesian!
George Williams
This Japanese song traveled overseas to Indonesia. There, the song was newly reborn and returned to Japan! I feel originality where his roots are incorporated  into the Japanese music piece.
Listeners' Choice No.1 Prize

Which were the songs our listeners wanted to hear the most?

Saira Hosen Mo [Bangladesh]
Title:Dokomademo Yukou       Singer:Yui Yamazaki
I am a 7-year-old girl. I first heard this song at a gathering for listeners organized by Radio Japan and instantly became fond of it. I sang with advice from my teacher.
Hitomi Shimatani
With comments such as "A cute girl is singing a cute song." "Nice! Very nice!! Excellent!!!" "Bravo MO…", many votes were cast from around the world -- such  as the United States, England, Canada, Germany, Russia, Cuba, Saudi Arabia,  Iran, Pakistan, Turkey, Slovakia, Chech Republic, Romania, the Vatican, Sweden and Australia, and so on.
George Williams
Oh, very good! I realized that music is not technique. It was lovely because I could feel the heart of the girl singing trying her best.

Listeners' Choice No.2 Prize

Salome Anjari [Chile]
Title:Ai Oboete imasuka      Singer:Mari Iijima
I love ANISON. I sang this song and my friends played the accompaniment.
Hitomi Shimatani
Beautiful pronunciation of Japanese words! We received comments such as  "Like an angel's voice" and "The very best of the best!" from our listeners!
George Williams
Beautiful voice!

Listeners' Choice No.3 Prize

Maki Kuroneko [Mexico]
Title:Kouga Ninpou chou     Singer:Onmyouza
This is a band cover my friends and I made 2 years ago. I was the main vocal of the band called Kanpai!
Hitomi Shimatani
Listeners sent in comments such as "Cool sound" and "Cool like the  Japanese popular singer Kumi Koda!"
George Williams
Great! Good Japanese pronunciation!

Hitomi Prize

Inshi [Indonesia]

Title:Truth        Singer:Arashi

I covered all voices including background chorus and main melody. All are my voices in Takarazuka Jennus (male roles) style.
Hitomi Shimatani
Gosh! Her effort to use 6 types of voice and sang in Takarazuka theatrical troupe-style is amazing! The singer conveyed love for Japan and art of "Takarazuka" in Japan.

George Prize

NANJI JANJANI [India]
Title:Atama Kata Hiza Ashi     Singer:Children's songs with gestures
I am a teacher and like to sing children's songs. In India, many children sing in local languages (Gujarati and Hindi). I will sing this Japanese children song at my school.
George Williams
He succeeded in conveying his heart! It is a children's song with gestures which  everyone knows in Japan, but it was the first time for me to hear it sang this way. The background sound was techno-like and had a refreshing effect.

Listeners who sent in entries

·                     JR       , Karla Katayama   , Inshi   , Lu   , yudhi   , Salome Anjari   , Niniko Kacharava  , Fabio Mozine , sukma   , maruni   , ranjith   , Zou Jie   , Dewi Aisyah   , Chris Strife  , Setiawan   , Lee Seol ,Nicolai   , NANJI JANJANI   , kyoko   , Demiang   , mody ahmed  , Sora Sama   , YENNY OSCAR ,MEGAMI  , Lao Wan Tong   , Ozy Isany Hyung  , Diogo Miyahara, Hendrik Maulana,Emanuela Adi Liawati, Kami Rocks , Takayuki Kawasaki , Cold GONZA . pedro Garcia , Sasayaki, Gpspel Choir Alegria, Aziana. Kevin Zhao, dewdew, urukyu, Lely Ch.Kana, Hideto ,  Matsumoto, Hitomi no Yasha, Ruki, Laruku Vamper 666, Feriyadi Ramansyah, ichelle Ana Roque, Mikan Club, Maki Kuroneko, Diez Voces, Tisha Sharon, jurio, rginia, Verra, Japan-style, Sophia, Kaoru Chan, Sonia, Estefani, RizaNFriends, Loopcat, Cheong Pung, echo, dey, Okkar Htut, Kyaw Htoo, Shin, MNT, Blubuk2, Anggita Rezki Amelia, Alysson Shozo Resende Takaki, musicloverr, Rizacoustic, Galina Kryukova, EAGLE, Paloma Osorio, Rogerio, Eduardo Iamada, michelle, Noir Lotus, Yuriko, TELLY, Saira Hosen Mo, Thae Swe Nyi, MD.Saiful Islam, MD.Haidarul Islam, Abdulsamad Abdulhamid Ismail, Irwanto Halim, Furu Mara Bhain, Makyambe Mwinde-Emina, Exaud Wambwa, AyeAye Thein
We thank you all very much for sending your songs.